

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन हब ने कोहोर्ट 4.0 कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप्स एवं नवप्रवर्तकों ने आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसका औपचारिक शुभारंभ बुधवार को आईआईएचएमएफ में किया गया। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की निधि समावेशी प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर (निधि-आईटीबीआई) योजना के संचालित इस कार्यक्रम की विशेषता है कि चयनित स्टार्टअप्स को दस लाख रुपये तक का इग्निशन ग्रांट प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने नवाचार को प्रोटोटाइप से बाजार तक पहुंचाने में सक्षम हो सकें। [Hindustan 26-12-2025, Page No. 07]

दिव्यांगजनों के बहुमुखी विकास के लिए मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन हब फाउंडेशन एवं नागपुर की संस्था समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल ने हाथ मिलाया है। दोनों संस्थाओं के बीच तीन वर्ष के लिए समझौता हुआ है। इसके तहत दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराने के साथ स्किल डेवलपमेंट के लिए भी कार्यक्रम होंगे। [Amar Ujala 18-12-2025, Page No. 08]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनुसंधान आरंभ करेगा। यह संस्थान दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों का विकास करने के साथ-साथ अनुसंधान और प्रशिक्षण के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देगा। इसके लिए लिए एमएनएनआईटी द्वारा स्थापित इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन हब और नागपुर की राष्ट्रीय सामाजिक संस्था समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल के बीच एक समझौता हुआ है। [Dainik Jagran 18-12-2025, Page No. 04]

The Department of Mechanical Engineering at Motilal Nehru National Institute of Technology Allahabad, Prayagaraj organized a special academic session for all research scholars of the department on Thursday. The objective of the session was to acquaint researchers with international research experiences, emerging technologies and opportunities for global research collaboration. The program was coordinated by Dr. Sunil Kumar Gupta. [NIP 30-01-2026, Page No. 02]

The Department of Mechanical Engineering at Motilal Nehru National Institute of Technology Allahabad, Prayagaraj organized a special academic session for all research scholars of the department. The objective of the session was to acquaint researchers with international research experiences, emerging technologies and opportunities for global research collaboration. The program was coordinated by Dr. Sunil Kumar Gupta. [Justice Express 30-01-2026, Page No. 03]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के शोधार्थियों के लिए एक विशेष अकादमिक सत्र आयोजित हुआ। इस सत्र का उद्देश्य शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शोध अनुभवों, नवीन तकनीकों तथा वैश्विक शोध सहयोग के अवसरों से अवगत कराना था। [United Bharat 30-01-2026, Page No. 03]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के शोधार्थियों के लिए नए तकनीकों और वैश्विक शोध संबंधी जानकारी के लिए बृहस्पतिवार को विशेष अकादमिक सत्र आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने प्रो. मित्तल का स्वागत करते हुए कहा कि विभाग का लक्ष्य वैश्विक शोध समुदाय के साथ सहयोग को बढ़ावा देना है, जिससे पीएचडी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोस्ट-डॉक्टोरल अवसर मिले। [Amar Ujala 30-01-2026, Page No. 02]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग में आयोजित विशेष अकादमिक सत्र शुरू हुआ। अमेरिका में अपने दीर्घकालीन शोध एवं शिक्षण अनुभवों को साझा करते हुए मुख्यवक्ता प्रो. कश्मीरी लाल मित्तल ने शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शोध संस्कृति, वैश्विक कार्यप्रणाली और उच्चस्तरीय अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया। [Dainik Jagran 30-01-2026, Page No. 02]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग की ओर से गुरुवार को शोध छात्रों के लिए विशेष सत्र आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. कश्मीरी लाल मित्तल ने अमेरिका में अपने लंबे शोध और शिक्षण अनुभव को छात्रों के साथ साझा किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शोध संस्कृति, वहां की कार्यप्रणाली तथा उच्च स्तरीय अनुसंधान की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। [Hindustan 30-01-2026, Page No. 04]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के सभी शोध छात्रों के लिए गुरुवार को विशेष अकादमिक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शोध अनुभवों, नवीन तकनीकों तथा वैश्विक शोध सहयोग के अवसरों से अवगत कराना था। [I Next 30-01-2026, Page No. 04]