

जिस पराली को किसान अक्सर खेतों में जला देते हैं, जिस धान की भूसी, गन्ने की खोई और भूसे को अब तक कृषि कचरा माना जाता रहा है, वही आने वाले समय में लाखों लोगों के सपनों का आशियाना खड़ा कर सकती है। खेतों से निकलने वाले यह कृषि अपशिष्ट विज्ञानियों की नजर में भविष्य का निर्माण पदार्थ बन चुका है। मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में शुरू हुई 1.16 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी परियोजना इसी दिशा में नई उम्मीद जगा रही है। परियोजना के प्रधान अन्वेषक एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. अनुपम रावत और सह-अन्वेषक डाॅ. अजय मंडरवालिया है। [Dainik Jagran 05-06-2026, Page No. 07]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के इलेक्ट्रानिक्स व संचार अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्रो. डाॅ. दीपक पुनेठा की 70 लाख रुपये की शोध परियोजना स्वीकृत की गई है। मंत्रा-टीबी नामक यह परियोजना तपेदिक की प्रारंभिक और त्वरित पहचान के लिए नई तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है। परियोजना के तहत एक गैर-आक्रामक, रियल-टाइम और कम लागत वाली श्वसन विश्लेषण प्रणाली विकसित की जाएगी। जो रोगी की सांस में मौजूद जैविक संकेतकों का समझ कर टीबी की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम होगी। [Amar Ujala 03-06-2026, Page No. 05]

अक्सर देखा जाता है कि आफिस में कुछ लोग समय पर आते हैं और अपना जरूरी काम पूरा करते हैं, लेकिन उससे ज्यादा कुछ करने की इच्छा नहीं दिखाते। ऐसे लोगों में न तो नई जिम्मेदारी लेने का उत्साह होता है और न ही संगठन के लिए कुछ विशेष कर दिखाने की तत्परता। इस प्रवृत्ति को क्वाइट क्विटिंग कहा जाता है। एक नये शोध में यह दावा किया गया है कि इसके लिए केवल काम का दबाव या खराब माहौल ही नहीं बल्कि कर्मचारी का व्यक्तित्व भी जिम्मेदार है। एक्टा साइकोलाॅजिकल पत्रिका (अंतरराष्ट्रीय) में प्रकाशित यह शोध मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद की प्रो. तृप्ति सिंह और हनफिया रहमान ने किया है। [Amar Ujala 01-06-2026, Page No. 06]

कालेज छोड़ने के बाद अक्सर छात्र अपने सीनियरों, जूनियरों और सहपाठियों से संपर्क खो देते हैं। नौकरी, कैरियर और मार्गदर्शन की तलाश में उन्हें विभिन्न प्लेटफार्म का सहारा लेना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के टेक्नोलाॅजी बिजनेस इन्क्यूबेटर से जुड़े एक स्टार्टअप ने ‘एल्युमंस’ नाम का नया नेटवर्किंग प्लेटफार्म तैयार किया है। यह प्लेटफार्म छात्रों, पूर्व छात्रों (एल्युमिनाई) और विभन्न क्षेत्रों के पेशेवरों को एक ह ीमंच पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। [Dainik Jagran 01-06-2026, Page No. 04]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में सोमवार को साइबर सिक्योरिटी पीएसबीज हैकाथाॅन सीरीज 2026 का शुभारंभ हुआ। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की पहल पर सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा और फिनटेक नवाचार के प्रति जागरुक करना है। [I Next, 12-05-2026, Page No. 04]

डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ते साइबर हमलों और आनलाइन बैंकिंग खतरों के बच अब युवा दिमाग देश की आर्थिक सुरक्षा की नई ढाल बनने जा रहे हैं। इसी सोच के साथ मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में साइबर सिक्योरिटी पीएसबीजी हैकाथान सीरीज-2026 शुरू की गई। इसमें प्रतिभागी बैंकिग सेक्टर को ध्यान में रखते हुए तकनीकी समाधान तैयार करेंगी। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम. गोरे ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों में अनुसंधान, उद्यमिता और रचनात्मक सोच को नई दिशा देगा। हैकाथान के अधिकारिक प्राब्लम स्टेटमेंट भी जारी किए गए हैं। [Dainik Jagran 12-05-2026, Page No. 04]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के सेमिनार हाल में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की पहल पर सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया के सहयोग से साइबर सिक्योरिटी पीएसबीज हैकाथाॅन सीरीज-2026 का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम. गोरे, प्रो. नीरज त्यागी, प्रो. मयंक पाण्डेय, डाॅ. रणविजय सिंह, डाॅ. शशांक श्रीवास्तव और डाॅ. जूही चैहान ने किया। [Amar Ujala 12-05-2026, Page No. 08]-B

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के पुराछात्र संगठन ने स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए पुराछात्र प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थान के हाल में कार्यक्रम निदेशक और मुख्य अतिथि ने अपने विचार रखे। कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम. गोरे ने कहा कि कर्म योगी बनें, कर्तव्य के मार्ग पर नैतिकता के साथ आगे बढ़ें। [Amar Ujala 12-05-2026, Page No. 07]-A

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के डाॅ. सुशील कुमार और साक्षी अग्रहरि ने एक ऐसा शोध किया है जो भविष्य में पानी की कमी और गंदे पानी के निस्तारण की समस्या का समाधान बन सकता है। यह शोध अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल केमोस्फीयर में प्रकाशित हुआ है। [Amar Ujala 11-05-2026, Page No. 04] – A

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के एमपी हाॅल में रुखसत-2026 सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के अंतिम वर्ष के छात्रों को विदाई देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम.गोरे, चीफ वार्डन प्रो. सहदेव पाढ़ी, डाॅ. रणविजय सिंह, डाॅ. जितेन्द्र गंगवार और डाॅ. समीर श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया। [Amar Ujala 11-05-2026, Page No. 08] – B